बारामूला में NIA की बड़ी कार्रवाई, तिहाड़ में बंद आरोपी के घर पर छापा

कश्मीर में उग्रवाद से जुड़े मामलों की जांच के बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बारामूला में एक अहम तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब एजेंसी पहले से गिरफ्तार एक आरोपी और उससे जुड़े नेटवर्क की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
बारामूला में NIA की कार्रवाई
National Investigation Agency (NIA) ने उत्तरी कश्मीर के Baramulla जिले के कनिस्पोरा इलाके में तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई उग्रवाद से जुड़े एक मामले की जांच के तहत की गई।
एजेंसी की टीमों ने कनिस्पोरा स्थित एक आवास पर तलाशी ली, जो जांच के दायरे में शामिल व्यक्ति से जुड़ा बताया जा रहा है।
किस मामले से जुड़ी है जांच?
NIA की जांच वर्ष 2020 में दर्ज उस मामले से संबंधित है, जिसमें कुलगाम जिले के मीर बाजार क्षेत्र में एक वाहन से हथियार, गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद होने का दावा किया गया था। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच गृह मंत्रालय द्वारा NIA को सौंप दी गई थी।

UAPA के तहत संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया
जांच से जुड़े घटनाक्रम में हाल ही में एक विशेष अदालत ने एजेंसी की उस याचिका को मंजूरी दी थी, जिसमें आरोपी की अचल संपत्तियों को Unlawful Activities (Prevention) Act के प्रावधानों के तहत जब्त करने की मांग की गई थी। इसी क्रम में आगे की जांच और साक्ष्य जुटाने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया।
एजेंसी के आरोप क्या हैं?
NIA का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के लिए कथित तौर पर ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के रूप में कार्य करता था। जांच एजेंसी का दावा है कि वह हथियारों और अन्य सामग्री की आवाजाही में सहायता करने वाले नेटवर्क का हिस्सा था।
हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के निष्कर्षों के आधार पर ही होगा।
तलाशी में क्या मिला?
अधिकारियों ने फिलहाल तलाशी अभियान के दौरान बरामद सामग्री के बारे में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। जांच एजेंसी जब्त किए गए दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य संभावित साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी निगरानी
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां लगातार उन नेटवर्कों पर नजर रख रही हैं, जिन पर उग्रवादी गतिविधियों को समर्थन देने या संसाधन उपलब्ध कराने का संदेह है। NIA, स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर ऐसे मामलों की जांच कर रही हैं।